काल सर्प दोष क्या है? इसकी पौराणिक और ज्योतिषीय मान्यता जानें
काल सर्प दोष क्या है?
काल सर्प दोष एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग है, जो तब बनता है जब किसी जातक की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। यह दोष व्यक्ति के जीवन में अत्यधिक संघर्ष, आर्थिक परेशानियों, मानसिक तनाव ,पारिवारिक समस्या और स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
काल सर्प दोष कैसे बनता है?
इन निम्न कर्ण की वजह से कालसर्प दोष बनता है
1. जब जन्म कुंडली में सभी सात ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब यह दोष उत्पन्न होता है।
2. इस दोष से प्रभावित व्यक्ति को जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव, असफलताएं, और पारिवारिक कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
3. हालांकि, यह दोष हमेशा नकारात्मक नहीं होता। सही उपाय करने से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
काल सर्प दोष की पौराणिक मान्यता
शास्त्रों में काल सर्प दोष का संबंध नागों से जोड़ा गया है।
📖 हिंदू पुराणों के अनुसार, एक समय की बात है जब महर्षि कश्यप की पत्नी कद्रू के पुत्र नागों ने देवताओं के विरुद्ध षड्यंत्र रचा था। इसके परिणामस्वरूप नागों को श्राप मिला कि जो भी व्यक्ति इनके प्रभाव में आएगा, उसका जीवन संघर्ष से भरा रहेगा।
👉 काल सर्प दोष से पीड़ित जातक को अपने पूर्वजों के दोषों (पितृ दोष) से भी जुड़ा माना जाता है।
काल सर्प दोष के प्रकार
काल सर्प दोष के प्रभाव

करियर और बिजनेस:
नौकरी में बार-बार समस्याएँ आती हैं। व्यवसाय में लाभ की जगह हानि होती है।

विवाह और दांपत्य जीवन
शादी में देरी होती है या शादी के बाद समस्याएँ बढ़ जाती हैं। पारिवारिक कलह बनी रहती है।

स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति
मानसिक तनाव, अनिद्रा, और डर बना रहता है। अचानक बीमारियाँ घेर लेती हैं।

आर्थिक स्थिति
पैसा टिकता नहीं है। निवेश में नुकसान होता है।
काल सर्प दोष निवारण पूजा
अगर आपकी कुंडली में काल सर्प दोष है, तो निम्नलिखित उपायों से इसका प्रभाव कम किया जा सकता है:
उज्जैन में काल सर्प दोष निवारण पूजा
👉 उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और काल भैरव मंदिर में विशेष पूजा करवाई जाती है।
👉 यहां किए गए रुद्राभिषेक और काल सर्प दोष पूजा बहुत प्रभावी मानी जाती है।
👉 यह पूजा नौग्रह शांति, पितृ दोष निवारण और कुंडली सुधार में मदद करती है।
काल सर्प दोष निवारण के अन्य उपाय
👉 महाशिवरात्रि और नागपंचमी पर शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
👉 हर सोमवार को “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
👉 राहु-केतु शांति के लिए हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
👉 नाग देवता को दूध चढ़ाएं और गरीबों को भोजन कराएं।
पंडित विकास शर्मा जी
- संपर्क नंबर: 9131548787
- विशेषज्ञता: काल सर्प दोष निवारण पूजा
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पंडित ओमप्रकाश व्यास जी
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- विशेषज्ञता: काल सर्प दोष पूजा, मंगल दोष पूजा
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पंडित उमेश गुरुजी
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पंडित योगेश व्यास जी
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- विशेषज्ञता: काल सर्प दोष पूजा
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